दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai

दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai : नमस्कार दोस्तों, आपको स्वागत है हमारे इस Blog पर, जहापर आज हम आपको बताएँगे “दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai”। भारत एक विशाल देश है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत दुनिया का सातवा सबसे बड़ा देश है। दिल्ली, भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है — दिल्ली की राजधानी कहाँ है? इसके बारे में हम जानकारी प्राप्त करेंगे पर इससे पहले आपको बता दें दिल्ली में नई दिल्ली भी शामिल है, जो भारत की राजधानी है। जनसंख्या के मामले में नगर भारत का मुंबई के बाद दूसरा सबसे बड़ा महानगर है।

आप सब जानते हैं की हमारे देश भारतबर्ष की केन्द्रीय राजधानी दिल्ली हैं। पर क्या आप जानते है की हमारे देश की इस राजधानी की राजधानी क्या हैं ? दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai. यदि आपको दिल्ली की राजधानी से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त करनी है तो आपका हमारे इस पोस्ट को अंत पढ़िए। आप लगातार हमारे साथ बने रहिए हम दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai से संबंधित संपूर्ण जानकारी आपको प्रदान करने की कोशिश करेंगे। आइए अब हम बात करते हैं दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai के बारे में।

दिल्ली का राजधानी क्या है – Delhi Ki Rajdhani Kya Hai

दिल्ली का राजधानी क्या है

दिल्ली भारत के उत्तर में स्थित एक प्रादेशिक राज्य है जो की भारत देश की राजधानी है। हम बात कर रहें है दिल्ली राज्य का राजधानी क्या है? तो आपको बाता दे की दिल्ली राज्य की राजधानी खुद दिल्ली है। दिल्ली आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र की सरकार है। जिसकी मुख्यमंत्री है श्री अरबिंद केजरीवाल।क्यूंकि दिल्ली पहले एक केंद्र शासित प्रदेश था, बाद मे जिसे भारतीय संसद द्वारा कानून बनाकर कुछ सीमित शक्तियों के साथ एक राज्य का दर्जा दिया गया है।

दिल्ली राज्य यमुना नदी के किनारे पर बसा हुआ है दिल्ली का इतिहास बहुत पुराना है महाभारत के समय दिल्ली को ‘इंद्रप्रस्थ’ के नाम से जाना जाता था। दिल्ली का सबसे पुराना उल्लेख महाभारत नामक महापुराण में मिलता है। इसी में इसका नाम इंद्रप्रस्थ था जो महाभारत के समय पांडवों की राजधानी थी। वैसे तो इस शहर पर कई राजाओं ने राज किया पर दिल्ली का आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर और पृथ्वीराज चौहान को दिल्ली का अंतिम हिंदू सम्राट माना जाता है।

नई दिल्ली कब भारत के राजधानी बनी?

1912 से 1947 तक यह ब्रिटिश भारत की राजधानी बना। उसके बाद, जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो यह फिर से राजधानी बना रहा।

नई दिल्ली का निर्माण 1911 में शुरू हुआ, जब ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासन ने इसकी राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला किया। नई दिल्ली के निर्माण को पूरा होने में लगभग 20 साल लगे।

भारत की राजधानी के लिए दिल्ली को क्यों चुना गया?

भारत की राजधानी दिल्ली को चुने जाने के पीछे कई सारे कारण है। जिनमें से इसके कुछ मुख्य कारण आपको बताना चाहेंगे। ब्रिटिश सरकार के शासन के समय मे, भारत की राजधानी कलकत्ता हुआ करती थी। तब कोलकाता को कलकत्ता नाम से जाना जाता था। ब्रिटिश सरकार ने सोचा कि कोलकाता से बेहतर दिल्ली से भारत को शासन और बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है। जिसके अर्थ है कि कई कार्य शासन से जुड़े हुए दिल्ली से अच्छे तरीके से संचालित किया जा सकते थे।

इसलिए दिल्ली को राजधानी बनाने के लिए जॉर्ज पंचम ने आदेश दिए। तब ब्रिटिश सरकार का शासन जॉर्ज पंचम के हाथ में था। जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को राजधानी बनाने का आदेश 12 दिसम्बर 1911 को दिया और 1 अप्रैल 1912 को दिल्ली भारत की राजधानी बन पाई। यही मुख्य कारण है जिसकी वजह से दिल्ली को भारत की राजधानी बनाया गया।

नई दिल्ली की विशेषताएं क्या है?

2015 के आंकड़ों के अनुसार नई दिल्ली की जनसंख्या 21.75 मिलियन है। नई दिल्ली का क्षेत्रफल 42.7 वर्ग किलोमीटर है। नई दिल्ली की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय है। गर्मी का मौसम बहुत लंबा और गर्म होता है, तापमान 40 डिग्री तक चला जाता है। जुलाई और अगस्त में भी मानसूनी वर्षा होती है। सर्दी का मौसम शुष्क होता है।

शहर में, जहां जाति व्यवस्था अभी भी शासन करती है, उच्चतम वर्ग ब्राह्मण नामक पादरी से बना है। दूसरे समूह में सैनिक और शासक हैं, तीसरे समूह में व्यापारी और किसान हैं, चौथे समूह में कार्यकर्ता और नौकर हैं। निम्नतम वर्ग जाति व्यवस्था में प्रवेश भी नहीं कर सकता। वास्तव में, इस वर्ग के लोगों को छूना मना है, और जो लोग उन्हें छूते हैं वे संतों का अपमान करेंगे।

व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ भारतीय व्यंजन, अपने प्रचुर मसाले वाले व्यंजनों से ध्यान आकर्षित करते हैं। मसालों से बनी कई तरह की चटनी भी उतनी ही मशहूर हैं। रेड मीट (भेड़, भेड़, बकरी), दालें और मसाले नई दिल्ली में खाए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ हैं।

दिल्ली से कुछ आकर्षिनीय बाते – Amazing Facts About Delhi in Hindi

1. दिल्ली को world की पुस्तक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है।
2. दिल्ली भारत का बहुत प्राचीन यानी पुराने नगरों में से एक है। पुरातात्विक विभाग ने इसके प्राचीन होने के कई प्रमाण खोज निकाले हैं।
3. केंद्र सरकार के मुख्यालय नई दिल्ली में ही स्थित है। एक तरह से भारत सरकार की केंद्रीय शक्ति दिल्ली ही है।
4. राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन भी दिल्ली में ही स्थित है।
5. महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी दिल्ली में ही स्थित है। इतना ही नहीं कई बड़ी-बड़ी शख्सियत के नाम दिल्ली से जुड़े हैं।
6. नई दिल्ली जनसंख्या की दृष्टि से भारत की दूसरी सबसे बड़ी शहर है।
7. विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मन्दिर “अक्षरधाम” दिल्ली में ही स्थित है। जो कि हिंदुओं की आस्था का एक मुख्य केंद्र है।
8. भारत की विश्व धरोहर में शामिल लाल किला भी दिल्ली में ही है। इतना ही नहीं india gate भी यहीं है।
9.भारत का सबसे बड़ा व्यस्ततम मेट्रो दिल्ली में स्थित मेट्रो ही माना जाता है। कोलकाता के बाद दूसरे नम्बर पर यहीं मेट्रो ट्रेन की शुरुआत हुई।
10. दिल्ली भारत में पर्यटन का और शिक्षा का एक मुख्य केंद्र माना जाता है।

नई दिल्ली में महत्वपूर्ण दर्शानीय स्थान

भारत की राजधानी, नई दिल्ली, दक्षिण एशिया के सबसे बड़े देशों में से एक, अपने देश और क्षेत्र दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण शहर है। नई दिल्ली एक बहुत ही महानगरीय शहर है जहाँ आप भारतीयों के शहरी जीवन को करीब से देख सकते हैं। हालांकि दिल्ली दुनिया के सबसे पुराने ज्ञात शहरों में से एक है, नई दिल्ली का पुनर्निर्माण अंग्रेजों के आगमन के साथ किया गया है। इस कारण से, जैसे ही आप शहर में घूमते हैं, आपको स्थानीय संस्कृति और अंग्रेजी संस्कृति के टुकड़े दोनों मिलेंगे जो 20 वीं शताब्दी के बाद से इस क्षेत्र में आए हैं।

नई दिल्ली दुनिया का सबसे तेजी से विकासशील शहर है, जिसमें बहुत सारे विरोधाभास हैं। अपनी ऐतिहासिक बनावट के साथ, कई मान्यताओं, बड़े पार्कों और संग्रहालयों की मेजबानी के साथ, यह शहर घूमने लायक शहरों में से एक है। नई दिल्ली आने से पहले, इस रहस्यमय और रहस्यमय शहर को जानने के लिए देखने लायक कई चीजें हैं।

स्थानों की शुरुआत में; स्वामीनारायण अक्षरधाम, लाल किला, जामा मस्जिद, कुतुब मीनार और राज घाट से हैं।

भारत की राजधानी “दिल्ली” का इतिहास – History of Delhi in Hindi

Delhi का सबसे पुराना नाम इंद्रप्रस्थ हुआ करता था। इसकी जानकारी पुराण महाकाव्य महाभारत में भी पाए जाते है। पुरातात्विक खोज के अनुसार माना जाता है कि यहां लोग 300 ईसा पूर्व से रह रहे हैं। लौहस्तंभ शिलालेख के अनुसार ये माना जाता है कि तोमर राजा अनंगपाल द्वितीय 10वीं – 11वीं शताब्दी में लौहस्तंभ को दिल्ली लेकर आये थे। इसी प्रमाण से माना जाता है कि तब ये दिल्ली के राजा रहे होंगे। इसीलिए अनंगपाल को दिल्ली की स्थापना करने वाला शासक माना जाता है। पृथ्वीराज रासो के अनुसार 1200 ईस्वी तक तोमर वंश का शासन दिल्ली में रहा। माना जाता है कि “दिल्लिका” शब्द से दिल्ली नाम आया है।

जाना जाता है कि 1300 ईस्वी के बाद दिल्ली पर 5 वंश के सुल्तानों का शासन रहा। जिनमें गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोधी वंश आदि ने शासन किया। दिल्ली के पहला शासक कुतुबुद्दीन ऐबक और अंतिम शासक इब्राहिम लोधी रहा था। अंतिम शासक ने 1526 साल तक शासन किया। इसके बाद 1526 में बाबर, 1530 से हुमायूं का शासन रहा। 1540 में सूरी वंश ने शासन जमाया और 1658 से औरंगजेब ने अपना शासन किया।

इसके बाद 1707 से 1712 तक मुअज्जम बहादुर ने दिल्ली पर शासन किया। 1857 से दिल्ली में ब्रिटिश शासन काल का दौर था। 1947 भारत की स्वतंत्रता के बाद दिल्ली को राजधानी फिर घोषित किया गया था। प्राप्त प्रमाणों के अनुसार दिल्ली के इतिहास के बारे में आपके साथ हमने जानकारी साझा की है।

FAQs

भारत के राजधानी के नाम क्या है?
भारत के राजधानी का नाम नई दिल्ली।

भारत के राजधानी दिल्ली पहले कहाँ थी?
कोलकाता (Kolkata).

दिल्ली क्षेत्रफल कितने है?
भारत के राजधानी दिल्ली का क्षेत्रफल 1484 किलो मीटर स्क्वायर है। दिल्ली क्षेत्र की लम्बाई उत्तर से दक्षिण 51.9 km है जबकि पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई 48.48 km है।

भारत के राजधानी कहाँ है?
भारत की राजधानी नई दिल्ली है।

दिल्ली को भारत के राजधानी कब बनाया गया था?
दिल्ली को राजधानी बनाने की घोषणा जॉर्ज पंचम ने 11 दिसंबर 1911 को हुए दिल्ली दरबार में की थी, लेकिन दिल्ली का राजधानी के रूप में सफर 13 फरवरी 1931 को शुरू हुआ था.

दिल्ली के प्रशासनिक ढांचा कैसे है?
केंद्र, राज्य एवं नगरपालिका (NDMC और MCD) सरकार के माध्यम से दिल्ली का शासन चलाया जाता है। दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण कानून से संबंधित प्रशासनिक काम भारत के गृह मंत्रालय से होता है।

किस गवर्नर जनरल ने 1911 में भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा की?
लार्ड हर्डिंग।

दिल्ली में कितने जिले हैं?
दिल्ली में कुल 9 जिलों है।

कोलकाता भारत की राजधानी कब बनी थी?
1772 में वारेन हेस्टिंग्स ने कोलकाता को ब्रिटिश शासकों की भारतीय राजधानी बना दी।

दिल्ली के मुख्य पर्यटन स्थलों के क्या नाम हैं?
दिल्ली का मुख्य पर्यटन केंद्र – राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, केन्द्रीय सचिवालय, पुराना किला, सफदरजंग का मकबरा, जंतर मंतर, क़ुतुब मीनार, लौह स्तंभ, हुमायूँ का मकबरा, लाल किला, सफदरजंग का मकबरा, लोधी मकबरा, निज़ामुद्दीन।

पारलौकिक दरगाह, जामा मस्जिद, बिरला मंदिर, आद्या कात्यायिनी शक्तिपीठ, बंगला साहब गुरुद्वारा, बहाई मंदिर, इंडिया गेट, जंतर मंतर, मुगल उद्यान, गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस, तालकटोरा गार्डन, लोदी गार्डन, चिड़ियाघर, कमल मंदिर और नेशनल म्यूजियम आदि।

हमारा अंतिम शब्द

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