15+ सोयाबीन खाने के फायदे – 16+ Benefits of Soybean in Hindi

15+ सोयाबीन खाने के फायदे – 16+ Benefits of Soybean in Hindi : नमस्कार दोस्तों, आपको स्वागत है हमारे इस Blog पर, जहापर आज हम आपको बताएँगे — “15+ सोयाबीन खाने के फायदे – 15+ Benefits of Soybean in Hindi”। प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए मांसाहारी लोग अंडे, मछली और मीट का सेवन करते हैं, लेकिन जो लोग शाकाहारी होते हैं, वह प्रोटीन रिच फूड की तलाश में रहते हैं.

ऐसे में सोयाबीन उनके लिए बढ़िया विकल्प साबित होता है, क्योंकि यह अंडे, दूध और मांस में पाए जाने वाले प्रोटीन से भी ज्यादा होता है।आजके Article पर आप जानेंगे — 15+ सोयाबीन खाने के फायदे – 15+ Benefits of Soybean in Hindi.

15+ सोयाबीन खाने के फायदे – 15+ Benefits of Soybean in Hindi

सोयाबीन खाने के फायदे

सोयाबीन में कई बीमारियों और इंफेक्शन का इलाज छिपा है। सोयाबीन प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत होता है। इसमें मिनरल्स के अलावा, विटमिन बी कॉम्प्लेक्स और विटमिन ए की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसलिए आम लोगों से लेकर जिम करने वाले लोग भी प्रोटीन के सेवन के लिए सोयाबीन को तरजीह देते हैं। सोयाबीन में मांस से भी अधिक प्रोटीन पाया जाता है।

यह एकमात्र ऐसी शाकाहारी (Vegetarian) चीज है जिसमें हमारे शरीर की जरूरत के सभी एमीनो-एसिड्स पाये जाते हैं। सोयाबीन को वेज-मीट भी कहते हैं क्योंकि और किसी भी शाकाहारी खाद्य पदार्थ में सभी एमीनो-एसिड्स इकठ्ठे नहीं मिलते।

इसीलिये शाकाहारी लोगों को उन्हें आपस में मिक्स करके खाने की सलाह दी जाती है। पर सोयाबीन इस मामले में दूसरे सभी शाकाहारी खाद्य पदार्थों से अलग है। तो आइए जानते है — सोयाबीन खाने के फायदे – Benefits of Soybean in Hindi.

15+ सोयाबीन खाने के फायदे (01 – 05)

1. मस्तिष्क के लिए फायदे

सोयाबीन में उपस्थित फास्फोरस (phosphorous) व्यक्तियों को दिमाग़ से सम्बंधित परेशानियां, मिर्गी, याददाश्त कमजोर होना, सूखा रोग, और फेफड़ो से संबंधित बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। इसके लिए सोयाबीन के आटे का उपयोग करें। सोयाबीन के आटे में मौजूद लेसितिण (lecithin) नामक पदार्थ इन सभी बीमारियों को दूर करने में मदद करती हैं।

2. हड्डियों के मोजबूती के लिए

सोयाबीन में उपस्थति कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। सोयाबीन कैल्शियम की कमी से होने वालें ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) जैसे रोगों से बचाने में मदद करती है। सोयाबीन के अन्य प्रमुख स्वास्थ्य लाभ यह है कि इनमें कोई कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, वसा और कैलोरी भी कम मात्रा होती हैं। यह फाइबर, आयरन, जिंक, पोटेशियम और विटामिन बी का एक अच्छा स्रोत हैं। सोयाबीन एकमात्र ऐसी सब्जी है जिसमें सभी आठ आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं।

3. माहवारी में सहायक

सोया उत्पादों में प्लांट एस्ट्रोजेन जैसे यौगिक होते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन के निर्माण में मदद करते हैं। इसके सेवन से मासिक धर्म नियमित रूप से आते हैं। साथ ही बांझपन और रजोनिवृत्ति से पहले होने वाली समस्याओं से भी राहत मिल सकती है। कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय डिसमेनोरिया का सामना करना पड़ता है। यह एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें महिला को गर्भाशय में असहनीय दर्द होता है। इस संबंध में किए गए एक वैज्ञानिक के अध्ययन अनुसार, जो महिलाएं रेड मीट के मुकाबले अधिक सोया खाद्य पदार्थों का सेवन करती हैं, उन्हें डिसमेनोरिया से जल्द राहत मिल सकती है। साथ ही प्रीमेन्स्ट्रुअल से भी आराम मिलता है। मासिक धर्म से पहले होने वाली विभिन्न समस्याओं को प्रीमेन्स्ट्रुअल कहा जाता है।

4. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में

सोयाबीन के फायदे की बात हो रही है, तो आपको बता दें कि इसका सेवन कोलेस्ट्रॉल के लिए भी फायदेमंद है। सोयाबीन के बीज में पाए जाने वाले आइसोफ्लेवोंस आपके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करते हैं। सोयाबीन के सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा तो कम होती है, लेकिन अच्छे कोलेस्ट्रॉल पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

5. हृदय के लिए फायदे

सोयाबीन दिल से जुड़े रोगों को ठीक करने में मदद करता है। दिल की बीमारी से ग्रसित लोगों के खून में वसा की मात्रा बढ़ जाती है और फायदेमंद वसा यानी HDL की मात्रा कम हो जाती है। इसमें 20 से 22 प्रतिशत तक वसा होता है जिसमें 15 % सैचुरेटेड फैट (saturated fat) , 15% मोनो-सैचुरेटेड फैट (mono-saturated fat) और 60% पोली- असंतृप्त फैट (poly- unsaturated fat) की मात्रा होती है जो की दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। सोयाबीन LDL की मात्रा को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें उपस्थित लेसितिण (lecithin) नामक पदार्थ दिल की नलियों में कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकता है। इस प्रकार यह दिल के रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होता है।

15+ सोयाबीन खाने के फायदे (06 – 10)

6. अच्छे सेहत पाने के लिए

सोयाबीन में प्रोटीन के अलावा फाइबर, मिनरल्स और फाइटोएस्ट्रोजन्स होते हैं। इसके अलावा इसमें सैचरेटेड फैट की मात्रा भी कम होती है। साथ ही इसमें न तो कलेस्ट्रॉल होता है और न ही लैक्टोस। इस लिहाज से सोयाबीन सेहत के लिए फायदे की चीज है। सोयाबीन में आयरन, मैंगनीज, फॉसफोरस, कॉपर, पोटेशियम, जिंक और सेलेनियम भी प्रचुर मात्रा में होता है।

7. मधुमेह रोग में फायदे

सोयाबीन में आइसोफ्लावोन नाम का एक घटक होता है जो मधुमेह और हृदय रोग का खतरा कम करता है। सोयाबीन खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ग्लूकोज का स्तर कम होता है और यह मधुमेह से पीड़ित लोगों में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करती है। मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी सोयाबीन बहुत ही फायदेमंद होता है। मधुमेह के रोगियों के लिए सोयाबीन से बनी रोटी का उपयोग लाभदायक होता हैं। इसके अलावा सोयाबीन के रोजाना सेवन से मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियों की मूत्र से संबंधित परेशानियां भी दूर होती हैं।

8. बालों के लिए

सोयाबीन के फायदे में से एक फायदा बालों के लिए भी है। सोयाबीन के बीज में फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन-सी, और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं। ये बालों के विकास और मजबूती के लिए सहायक होते हैं। इसमें आयरन की भी अच्छी मात्रा होती है, जो बालों को झड़ने से रोकने में सहायता पहुंचता है।

9. वजन घटाने के लिए

एक वैज्ञानिक अध्ययन से यह पता चलता है कि सोयाबीन के सेवन से शरीर के वजन और चर्बी को कम किया जा सकता है। दरअसल, सोयाबीन प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, जिन्हें पचाने के लिए शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत पड़ती है। इससे शरीर की एनर्जी का सही उपयोग हो सकता है और फैट बनने से रोकने में मदद मिल सकती है। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को थर्मोजेनिक फूड्स की श्रेणी में गिना जाता है। इसके सेवन के साथ-साथ व्यायाम पर भी ध्यान देना जरूरी है।

10. मासिक धर्म में लाभ

महिलाओं के मासिक धर्म बंद होने से शरीर में एस्ट्रोजन (estrogen) की कमी हो जाती है। जिससे महिलाओं की हड्डियों का तेज़ी से नुकसान होने लगता है। इस वजह से उन्हें ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) की बीमारी जकड़ लेती है और घुटनो में दर्द भी रहने लगता है। इस स्थिति में सोयाबीन बहुत ही फायदेमंद होता है। सोयाबीन में उपस्थित फायटोएस्ट्रोजेंस (Phytoestrogens) शरीर में एस्ट्रोजन (estrogen) की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। इसलिए 3 से 4 महीने तक सोया का उपयोग करने से महिलाओं की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

15+ सोयाबीन खाने के फायदे (11 – 15)

11. एनीमिया में फायदे

सोयाबीन को कई तरीकों से उपयोग में लाया जाता है जैसे इसके बीज की सब्जी बनाकर, इसके तेल का उपयोग करके, इसके छिलके से बनी बरी का उपयोग करके, इसके अतिरिक्त सोयाबीन का दूध भी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। यह शरीर को एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की कमी) और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) नामक बीमारियों से भी दूर रखता है। आज हम और आप सोयाबीन से होने वाले शारीरिक लाभ के बारे में जानते हैं।

12. नींद और अवसाद के लिए

सोयाबीन में फाइटोएस्ट्रोजन (एक तरह का हार्मोन) गुण होता है, जो रासायनिक संरचना में मानव एस्ट्रोजन से मिलता-जुलता है। एस्ट्रोजन नींद के अवधि में वृद्धि करता है। एक रिसर्च से यह पता चलता है कि सोयाबीन का सेवन नींद के लिए लाभकारी हो सकता है। नींद पूरी होने से अवसाद की समस्या भी दूर हो सकती है। बुजुर्गों में अवसाद की समस्या होना आम बात है, ऐसे में सोयाबीन का सेवन उनके लिए लाभकारी हो सकता है।

13. त्वचा के लिए फायदे

सोयाबीन में कई शरीर के लिए फायदेमंद तत्व जैसे की सैपोनिन्स (saponins), सीटोस्टेरॉल (sitosterol) और फेनोलिक एसिड (phenolic acid) होते हैं जो शरीर को कई प्रकार के कैंसर जैसे हृदय कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर आदि से बचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा सोयाबीन के बीज को खाने से त्वचा का रंग साफ होता है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए इसका हाइड्रेटेड रहना जरूरी होता है। सोयाबीन त्वचा के लिए एक मॉइस्चराइज़र का काम करती है और यह सूखी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए भी उपयोगी है। यदि आपकी त्वचा तेलीय है, तो आप अपनी त्वचा से अतिरिक्त तेल को हटाने के लिए भी सोयाबीन का उपयोग कर सकते हैं। शारीरिक विकास, कब्ज और कई प्रकार की बीमारियां भी दूर होती है।

14. कैंसर के लिए

सोयाबीन के फायदों के बारे में बात करें, तो इनमें से एक कैंसर से बचाव भी शामिल है। जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि सोयाबीन में आइसोफ्लेवोंस (एक तरह के रासायनिक कंपाउंड) पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। साथ ही सोयाबीन को फाइटोकेमिकल्स के समूह का भी मुख्य स्रोत माना गया है। ऐसे में ये दोनों तत्व एंटीकैंसर के रूप में अपना असर दिखा सकते हैं। सोयाबीन के सेवन से स्तन और गर्भाशय से संबंधित कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है।

15. उच्च रक्तचाप में फायदे

उच्च रक्तचाप के रोगियों को अधिक सोडियम और कम पोटेशियम का सेवन करना चाहिए। पोटेशियम से भरपूर भोजन शरीर से अतिरिक्त सोडियम को निकालता है। यह प्रक्रिया शरीर के रक्तचाप को कम करने में मदद करती है। सोयाबीन में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है इसलिए, यदि आप उच्च बीपी से पीड़ित हैं, तो आप सोयाबीन का उपयोग पोटैशियम की कमी पूरी करने के लिए कर सकते हैं। इसके सेवन के लिए कम नमक के साथ भुने सोयाबीन का रोजाना 8 हफ्तों तक सेवन करें। इससे हाई बीपी को नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

Note : Article में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। ‘आर्टिकल लेखक’ इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

हमारा अंतिम शब्द

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